चक्रवात मोंथा ने बढ़ाई टेंशन, मौसम में बदलाव से देश के एक तिहाई हिस्से में बरसेंगे बादल

नई दिल्ली | बंगाल की खाड़ी मे उठे चक्रवात मोंथा और अरब सागर के ऊपर बन रहे गहरे दवाब के साथ उत्तर के पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय होने जा रहे पश्चिमी विक्षोम ने देश के मौसम का रवैया पूरी तरह बदल दिया है. अगले 4 से 5 दिनों तक देश का लगभग एक तिहाई हिस्सा बारिश और तेज हवाओं की चपेट में होगा.

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मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना यह सिस्टम सोमवार शाम तक गंभीर चक्रवात का रूप ले चुका था और इसकी रफ्तार 88 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई. मंगलवार को यह ओर तीव्र होकर 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तट से टकरा सकता है.

दिल्ली तक दिखेगा असर

चक्रवात के असर से पूर्वी तटवर्ती राज्यों आंध्रप्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडू में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. वही, इसके उत्तर की ओर बढ़ने से मध्य भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल जाएगा. छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड और दिल्ली- एनसीआर तक इसका असर दिखेगा.

मौसम विभाग ने 29 से 31 अक्तूबर के बीच इन राज्यों में बादल गरजने के साथ बारिश की संभावना जताई है. आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास चक्रवात मोंथा का लैंडफाल शुरू होगा. अभी से ही तटीय जिलों राजामुंद्री, विशाखापत्तनम और मछलीपट्टनम में तेज बारिश और हवाओं का दिख ने लगा है.

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यहाँ बर्फबारी की संभावना

पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से हिमालयी राज्यों में भी मौसम बदलेगा. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. अरब सागर के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र भी मजबूत हो रहा है, जो अगले 48 घंटों में पूर्व-मध्य अरब सागर की ओर बढ़ेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि तीनों सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने से देशभर में मौसम का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और ठंड के आगमन की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.