31 दिसंबर तक लाल डोरा मुक्त होगा हरियाणा, ये खास उपलब्धि हासिल करने वाला बनेगा देश का पहला राज्य

चंडीगढ़ | राजस्व विभाग में डिजिटाइजेशन को लेकर हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों में राजस्व विभाग के तहत, कई तरह के सकारात्मक कदम उठाए गए हैं जिसमें विभाग को मॉडर्नाइज और डिजिटलाइज्ड किया गया तो वहीं स्वामित्व और लार्ज स्केल मैपिंग की मदद से प्रोपर्टी को लेकर होने वाले झगड़ों में कमी आई है.

Dushyant Choutala

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सूबे के 22 जिलों के 6 हजार से अधिक गांवों को लाल डोरा मुक्त करने के लिए ड्रोन से थ्री- टियर मैपिंग पूरी कर ली गई है. इनमें 25,14,500 प्रोपर्टी आईडी बना दी गई है और 23,94,000 प्रोपर्टी आईडी को पूरी तरह से लाल डोरा मुक्त करके उनके असली मालिकों को सौंप दी गई है. इनसे क्लेम एवं आपत्तियां भी मांगी गई है.

उन्होंने बताया कि शेष बची 5% आईडी कार्य भी अगले तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा. आगामी 31 दिसंबर, 2023 तक पूरा राज्य लाल डोरा मुक्त होगा और हम गर्व से कह सकते हैं कि हरियाणा देश का पहला राज्य होगा जो पूरी तरह से लाल डोरा मुक्त बनेगा और यहां एक- एक प्रोपर्टी डिजिटली मार्कड होगी.

दुष्यंत चौटाला ने आगे बताया कि प्रदेश में लार्ज स्केल मैपिंग का कार्य भी किया जा रहा है. जिसके तहत, प्रत्येक प्रोपर्टी को कलर- कोडेड मार्क किया जाएगा. रिवेन्यू एस्टेट की कुल संख्या का आंकड़ा 7115 है और इनमें 7089 रिवेन्यू एस्टेट ऐसे हैं, जिनमें ड्रोन फ्लाईंग शुरू की गई है. 4,976 गांवों में यह काम पूरा हो चुका है.

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उन्होंने बताया कि सोनीपत, पानीपत, करनाल और कुरुक्षेत्र जिलों के सभी गांवों में ड्रोन फ्लाईंग पूरी हो चुकी है. इस मैपिंग का लाभ यह होगा कि कोई भी व्यक्ति कहीं से भी किसी भी प्रोपर्टी को देख सकता है कि उसका मालिकाना हक किसके पास है. मुरब्बा स्टोन की मार्किंग भी डिजिटल तकनीक से हो रही है जिसकी एक्यूरेसी 0.1 इंच तक मानी जाती है.

डिप्टी सीएम ने बताया कि मार्च 2024 तक लार्ज स्केल मैपिंग कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. पहाड़ी एरिया की सही मैपिंग के लिए रोवर्स भी खरीदें जाएंगे ताकि इसके अधीन आने वाले 73 गांवों की लार्ज स्केल मैपिंग उचित तरीके से हो सकें. जिस प्रकार से जिला स्तर पर रिकॉर्ड रूम को डिजिटलाइज्ड किया गया है, उसी प्रकार से पटवारखाना, तहसील, उप- तहसील और कमीशनरेट कार्यालयों का रिकॉर्ड भी 31 दिसंबर, 2023 तक डिजिटलाइज्ड कर दिया जाएगा.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.