ज्योतिष | 22 सितंबर से नवरात्रि की शुरुआत हो जाएगी. कल पितृ पक्ष की अमावस्या मनाई जाएगी. इसको महालया अमावस्या भी कहा जाता है, इस दिन दान करने से आपके पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. अगर आप भी अपने पितरों को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आप इस दिन विशेष पूजा अर्चना और दान कर सकते हैं. अबकी बार पितृ पक्ष की अमावस्या तिथि 21 सितंबर यानि कल मनाई जाएगी. इसी दिन सूर्य ग्रहण भी लग रहा है, जिस वजह से यह दिन और भी खास हो जाता है. आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले है.
पितृ पक्ष की अमावस्या तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन महीने की अमावस्या तिथि की शुरुआत 21 सितंबर को रात 12:15 मिनट से हो रही है. इसका समापन अगले दिन देर रात 1:24 मिनट पर होने वाला है. ऐसे में अमावस्या रविवार के दिन मनाया जाना ही काफी शुभ रहने वाली है. अगर आप चाहते हैं कि आप अपनी जिंदगी में बेहद प्रसन्न रहे और आप पर पितरों का आशीर्वाद बना रहे, तो इसीलिए जरूरी है कि आपके पितृ आपसे प्रसन्न हो और आप नियमित रूप से उनकी पूजा अर्चना करते हो.
करें इस मंत्र का जप
अगर आप भी अपने पितरों को तर्पण करना चाहते हैं, तो आपको इस दिन पितृ गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए. ऐसा करने से आपके पितृ प्रसन्न हो जाते हैं और आपके आशीर्वाद प्रदान करते हैं. पितरों को प्रसन्न करने के लिए आप गरीब लोगों को अन्न, वस्त्र आदि का भी दान कर सकते हैं. साथ ही आप पितरों के नाम का भोजन किसी ब्राह्मण को खिलाकर भी उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं. आपको इस मंत्र ओउम् देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेन नमो नमः ।।
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
