महेंद्रगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि राज्य के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से पीएम कुसुम योजना के तहत 75 फीसदी सब्सिडी पर सोलर एनर्जी पंप लगवाने का सुनहरा मौका मिल रहा है. इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक किसानों को 29 दिसंबर तक सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.
नारनौल के अतिरिक्त उपायुक्त ने विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के तहत 3 HP, 5 HP, साढ़े 7 HP और 10 HP की 12 अलग-अलग कैटेगरी में सोलर पंप दिए जाएंगे. चयन प्रक्रिया परिवार की वार्षिक आय और जमीन के आधार पर तय की जाएगी. जो किसान अपना मौजूदा बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन सरेंडर करेगा, उन्हें इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी. जिन किसानों ने 2019 से 2023 के बीच बिजली आधारित ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया हुआ है, उन्हें भी इस योजना में प्राथमिकता मिलेगी.
दोबारा आवेदन की होगी जरूरत
वेटिंग लिस्ट में शामिल पुराने आवेदकों को सलाह देते हुए कहा गया है कि अगर वे अपने सोलर पंप की क्षमता या प्रकार बदलना चाहते हैं तो अपने पुराने परिवार पहचान पत्र का इस्तेमाल करके दोबारा आवेदन कर सकते हैं. ऐसे में आवेदकों को नया चालान जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि उनका हिस्सा पहले से ही विभाग में जमा हैं. यदि कोई आवेदक निर्धारित समय-सीमा के भीतर नया आवेदन जमा नहीं करता है उसका जमा हिस्सा वापस लौटा दिया जाएगा.
इसके साथ ही प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन गांवों में भूजल स्तर 100 फीट से नीचे चला गया है, वहां माइक्रो इरिगेशन सिस्टम लगाना जरूरी है. इसके साथ ही धान की खेती करने वाले किसान जिनका भूजल स्तर 40 फीट से नीचे चला गया है, उन्हें भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
योजना के लिए पात्रता
ऑनलाइन आवेदन के दौरान परिवार पहचान पत्र, कृषि भूमि जमीन का रिकॉर्ड/ जमाबंदी और एक सर्टिफिकेट होना चाहिए, जिसमें लिखा हो कि आवेदक के नाम पर कोई बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं है.
आवेदन और कंपनी के चयन के बाद, किसानों को एक वर्चुअल अकाउंट नंबर वाला चालान मिलेगा, जिसमें लाभार्थी को NEFT/RTGS के ज़रिए निर्धारित धनराशि जमा करानी होगी.
सोलर पैनल पर कंपनी की ओर से 5 साल की गारंटी रहेगी. इसमें 5 साल की अवधि के लिए चोरी और प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ बीमा भी रहेगा.
