चंडीगढ़ | हरियाणा में भाजपा ने अकेले निकाय चुनाव लड़ने के अपने फैसले को पलट दिया है. कांग्रेस के मैदान से हटने के बाद, पार्टी भाजपा सरकार में सहयोगी जजपा के साथ मिलकर नगर परिषद का चुनाव लड़ेगी. टोहाना, नरवाना, मंडी डबवाली और नूंह नगर परिषदों को जेजेपी को सौंपा गया है. नगर पालिकाओं में एक साथ चुनाव लड़ने का फैसला जिला इकाइयां करेंगी.
कल हुई थी अहम बैठक
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ और जजपा के प्रदेश अध्यक्ष सरदार निशान सिंह ने गुरुवार की देर शाम हरियाणा निवास में बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी दी. वरिष्ठ नेताओं ने विचार-विमर्श के बाद फैसला किया कि जेजेपी 4 नगर परिषदों में और भाजपा 14 में चुनाव लड़ेगी.
पार्टी कार्यकर्ता गठबंधन उम्मीदवारों की जीत के लिए प्रचार करेंगे. जेजेपी अपने घोषित उम्मीदवारों से चर्चा कर जल्द ही फिर से सूची जारी करेगी. भाजपा ने पिछले दिनों हिसार में हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में अलग से निकाय चुनाव लड़ने का फैसला किया था. उसके बाद जजपा ने अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में उम्मीदवारों की दो सूचियां भी जारी की. बीजेपी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है.
सीएम, तावड़े और रवींद्र राजू से चर्चा के बाद फैसला
गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल, ओपी धनखड़ ने नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और संगठन महासचिव रवींद्र राजू से चर्चा की. कांग्रेस के नगर परिषद का चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़ने से मुख्य मुकाबला भाजपा-जजपा उम्मीदवारों के बीच होने पर भी गहरा मंथन हुआ. वरिष्ठ नेताओं की चर्चा में पता चला कि गठबंधन सहयोगियों के आमने-सामने जाने का गलत संदेश जाएगा.
चूंकि आप और इनेलो मुकाबले में नहीं हैं. निर्दलीय उम्मीदवारों को बीजेपी-जेजेपी के अलग अलग चुनाव लड़ने का फायदा हो सकता है, इसलिए नगर परिषद का चुनाव एक साथ लड़ा जाना चाहिए. इस पर भाजपा ने जजपा के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क स्थापित किया और देर शाम चंडीगढ़ में बैठक बुलाकर नगर परिषद का बंटवारा कर दिया.
