चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे के किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर बागवानी और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं. इसी कड़ी में किसानों की आमदनी को दोगुना करने की दिशा में बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अनुदान योजनाएं लागू की गई है. इस योजना के अनुसार, सब्जी, मशरूम व अन्य बागवानी फसलों की खेती करने वालों किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी.
हरियाणा में बागवानी खेती को बढ़ावा
जिला बागवानी विभाग के अनुसार, पारंपरिक फसलों की बजाय अधिक मूल्य वाली बागवानी फसलों की खेती करने में किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार से 25 हजार रुपए तक का अनुदान मिलेगा. इसके अलावा, बांस आधारित स्टेकिंग तकनीक अपनाने पर 30 हजार से 53 हजार रुपए और आयरन स्टेकिंग तकनीक पर 70 हजार रुपए से 1 लाख रुपए तक का अनुदान मिलेगा.
प्लास्टिक मल्चिंग जैसी पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए 2 रुपए प्रतिवर्ग मीटर की दर से अनुदान दिया जाएगा. मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु झोपड़ी निर्माण के लिए 22 हजार से 25 हजार रुपए सहायता राशि दी जाएगी. मशरूम ट्रे पर 15 हजार से 25 हजार रुपए अनुदान राशि मिलेगी.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
बागवानी मशीनरी व उपकरणों की खरीद पर लागत का 40 % से 50 % तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि उन्नत तकनीक अपनाकर किसान 4 लाख रूपए तक का मुनाफा कमा सकते है. गाजर जैसी फसलों पर 2 लाख रुपए आय तक की संभावना है. इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों के आमदनी के साथ- साथ राज्य में बागवानी क्षेत्र का विस्तार करना है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
