फरीदाबाद | आज के समय में शिक्षा काफी कठिन हो चुकी है. अभिभावक अपने बच्चों को उत्तम क्वालिटी की एजुकेशन दिलवाने के लिए अच्छे- अच्छे स्कूलों की तरफ रुख कर रहे हैं. स्कूलों से संतुष्टि नहीं मिल पा रही है, तो वह अच्छे- अच्छे ट्यूशंस पर बच्चों को भेज रहे हैं. इसके इतर समाज में कुछ विद्यार्थी ऐसे भी होते हैं जो बिना किसी ट्यूशन, कोचिंग आदि की सहायता से शिक्षा में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं. इसी कड़ी में हरियाणा के फरीदाबाद जिले की ज्योति ने हरियाणा बोर्ड (Haryana Board) 12वीं के नतीजे में परचम लहराया है.
दिन में 18 घंटे की मेहनत
शहर की भारत कॉलोनी की रहने वाली ज्योति ने 12वीं के नतीजे में 95.6% अंक लाकर स्कूल के साथ पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है. बिना किसी ट्यूशन के खुद ही उन्होंने पढ़ाई की और यह सफलता हासिल की है. ज्योति हर रोज 2 ऑटो बदलकर सेक्टर 15 स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल (अजरौंदा) जाती थी. वहां से वापस घर लौटने पर 1 घंटे का आराम करके फिर देर रात तक पढ़ाई करती थी. उनके पिता यादराम बताते हैं कि उनकी बेटी दिन में 18 घंटे तक पढ़ती थी.
हर विषय में लिए शानदार अंक
ज्योति ने हर विषय में शानदार अंक प्राप्त किए हैं. उन्होंने अकाउंट में 100 में से 100, इंग्लिश में 98, बिजनेस स्टडीज में 97, आईटी में 97 और मैथ्स में 86 मार्क्स हासिल किए हैं. ज्योति भविष्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती है. इसके लिए अभी से जुटी हुई है. फिलहाल, उनका अगला कदम YMCA यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना है.
पूरे परिवार को बेटी पर गर्व
जिस दिन हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा रिजल्ट घोषित किया गया, उसी दिन रिजल्ट को देखकर ज्योति की आंखों से आंसू छलक पड़े. उन्होंने कहा कि उन्होंने जो मेहनत की थी, उसका फल भगवान ने उन्हें दे दिया. जीवन में उन्होंने कभी हार नहीं मानी. मां नीतू भी बेटी की इस उपलब्धि पर खुश नजर आईं. उन्होंने ज्योति के पसंदीदा आलू के पराठे बनाए. दादी और बहन पूजा ने भी काफी खुशी व्यक्त की.
स्कूल की प्रिंसिपल पूनम तनेजा ने कहा कि ज्योति जैसी बेटियों से ही समाज में बदलाव आता है. इस बच्ची ने बिना किसी अन्य सहायता के यह सफलता हासिल की है. यह समाज में सचमुच प्रेरणा स्रोत है.
