गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम शहर की तस्वीर बदलने की कवायद शुरू हो गई है. यहां सड़कें, सीवर व्यवस्था और साफ- सफाई से जुड़ी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए 800 करोड़ रुपए की कार्ययोजना तैयार की गई है. इस रोड मैप को फाइनल टच देने के बाद नई साल से इसपर काम शुरू हो जाएगा. पिछले कई सालों से शहर के लोग जिस बदलाव का इंतजार कर रहे हैं, उसपर नगर निगम ने काम करना शुरू कर दिया है.
जल्द धरातल पर दिखेंगे काम
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि घरों से कूड़ा- कचरा एकत्रित करने, मलबे के ढेरों को समाप्त करने, सीवर ओवरफ्लो का स्थायी समाधान और आवारा गौवंश को सड़कों से हटाने की रूपरेखा तैयार की गई है और अगले 4 महीने में इन सभी समस्याओं के स्थाई समाधान हेतु धरातल पर काम शुरू कर दिया जाएगा. इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है.
बरसात में जलभराव से निजात दिलाने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. शहर में चिह्नित 150 से ज्यादा जलभराव वाली जगहों पर पानी निकासी की उचित व्यवस्था के लिए 50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर काबू पाने के लिए नए टेंडर जारी किए जाएंगे.
इस तरह खर्च होगी धनराशि
- घरों से कूड़ा- कचरा उठाने के लिए 5 साल के लिए 400 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है.
- मलबा और कूड़े- कचरे के निपटान के लिए नए प्लांटो पर 20- 50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
- बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर जमा कूड़े के निस्तारण हेतु करीब 100 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है.
- बागवानी से निकलने वाले कचरे के निपटारे हेतु 20 करोड़ रुपए का एक नया प्लांट स्थापित किया जाएगा.
- आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए नई गौशालाओं के निर्माण पर 20 से 50 करोड़ रुपए की लागत राशि खर्च होगी.
- खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत पर 20 करोड़ रुपए और सीवर जाम की जकड़न से छुटकारा पाने के लिए 20 करोड़ रुपए की योजना बनाई है.
अवैध निर्माण पर सख्ती
प्रदीप दहिया ने बताया कि कार्ययोजना में शहर में चल रहे अवैध निर्माणों और अवैध विज्ञापनों पर सख्त कार्रवाई भी शामिल हैं. घरों में पानी के मीटर लगाने का काम भी शुरू किया गया है, ताकि जल की बर्बादी को रोका जा सके. पशुओं को नहलाने और गाड़ियों को धोने में पीने के पानी का इस्तेमाल करने वालों पर भारी- भरकम जुर्माना का प्रावधान किया गया है.
