गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में वाहन चालकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से तीन नए एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा. इसकी संभावना तलाशने के लिए सीईओ पीसी मीणा ने शुक्रवार को ओल्ड गुरुग्राम के सबसे व्यस्त और भीड़- भाड़ वाली 3 प्रमुख सड़कों का निरीक्षण किया.
यहां पर बनेगा पहला कॉरिडोर
सबसे पहले ओल्ड रेलवे रोड का निरीक्षण किया गया, जो ट्रैफिक जाम और भीड़- भाड़ के लिए जाना जाता है. यहां सीईओ पीसी मीणा ने सेक्टर 5- 6 डिवाइडिंग जंक्शन होते हुए शीतला माता रोड और अतुल कटारिया चौक तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की संभावना पर विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इससे ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिलेगी और प्रमुख जंक्शनों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
इसी रूट पर ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर भी प्रस्तावित है. इसलिए उन्होंने संबंधित एजेंसियों को मेट्रो को भूमिगत रखने की योजना बनाने को कहा, ताकि दोनों प्रोजेक्ट्स बिना किसी रूकावट के साथ- साथ लागू किए जा सकें.
दिल्ली की डगर होगी आसान
सीईओ पीसी मीणा ने दिल्ली- हरियाणा बॉर्डर के पास डुंडाहेड़ा तक ओल्ड दिल्ली रोड का निरीक्षण किया. इस रूट पर काफी ज्यादा ट्रैफिक दबाव को देखते हुए उन्होंने यहां भी एलिवेटेड कॉरिडोर की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए ताकि दिल्ली से गुरुग्राम के बीच आवाजाही को और ज्यादा सुगम बनाया जा सके.
सीईओ पीसी मीणा द्वारा तीसरा निरीक्षण महावीर चौक से आइएफएफसीओ चौक के बीच सुखराली गांव मार्ग पर किया गया है. बता दें कि इस रूट पर सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यवसायिक गतिविधियों के चलते बहुत अधिक ट्रैफिक दबाव रहता है. यहां भी ग्रेड सेपरेटर या एलिवेटेड कारिडोर विकसित करने की संभावनाओं पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही, द्वारका एक्सप्रेसवे के लिए अतिरिक्त कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी.
