नूंह | ज्यादा मुनाफे और अधिक उत्पादन के चक्कर में आज खेतों में अंधाधुंध कीटनाशकों और उर्वरकों का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन नूंह जिले में इसके विपरित देशी गेहूं की खेती दिल्ली- NCR तक लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. लोगों को खाने के लिए ऑर्गेनिक गेहूं की सुविधा मिल रही है. यहां उगाए जाने वाले अनाज को दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक पसंद किया जा रहा है.
खाद और कीटनाशक से दूरी
दिल्ली- एनसीआर में रहने वाले बहुत से लोग जो देशी गेहूं खाना पसंद करते हैं, वो नूंह से ही लेकर जाते हैं. यहां देशी गेहूं की खेती मुख्यत नूंह, नगीना और पिनगवां के आसपास के गांवों के किसान करते हैं. इन इलाकों के किसानों ने बताया कि वे देशी गेहूं की खेती में कीटनाशक और खाद का इस्तेमाल नहीं करते हैं.
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि नूंह की धरती में पैदा होने वाला देशी गेहूं C- 306 किस्म की पैदावार सबसे अच्छी होती है. इस किस्म के लिए ज्यादा सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ती है. यहां पहले के मुकाबले देसी गेहूं की खेती के रकबे में कमी आई है क्योंकि अन्य गेहूं के मुकाबले देशी गेहूं का उत्पादन कम रहता है. हालांकि, फिर भी ऊंचा भाव काफी हद तक पैदावार की कमी को दूर कर देता है. कम पैदावार के बावजूद भी यहां हर साल की भांति इस बार भी हजारों एकड़ जमीन पर देशी गेहूं की फसल लहलहा रही है.
जानें खासियत
नूंह और आसपास के क्षेत्र में उगाई जाने वाली देशी गेहूं में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद है. इस गेहूं की रोटी मुलायम होती है जो खाने में भी बेहद स्वादिष्ट होती है. भले ही इस किस्म का भाव ज्यादा रहता है, लेकिन अपनी खासियतों के चलते दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में हमेशा इसकी डिमांड बनी रहती है.
