बेरोजगार युवा मंच ने घेरा सीएम आवास, पुलिस से हुई तनातनी

• बेरोजगार युवा मंच के द्वारा सी एम के आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया है.

• धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस से हुई बेरोजगार युवा मंच की तनातनी .

करनाल | भारत की जनवादी नौजवान सभा, स्टूडेंट्स फैडरेशन आफ इंडिया, इंकलाबी नौजवान सभा, प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स फ्रंट और शहीद भगतसिंह नौजवान सभा से जुड़े युवा बेरोजगार युवा मंच हरियाणा के साथ जुड़कर कर्ण पार्क में एक साथ इक्कठा हुए हैं.कर्ण पार्क से यह सब लोग प्रदर्शन करते हुए सी एम के घर की तरफ़ घेराव करने के लिए निकल गए थे.

दरअसल सी एम आवास स्थान के पास पुलिस ने इन सब लोगो को बैरीकेट्स लगाकर रोक लिया है. पुलिस व संगठन के पदाधिकारियों के बीच जमकर तनातनी और और आपस में लड़ाई भी होती नज़र आई थी. पुलिस ने बड़ी मशक्कत करने के बाद इस मामले को शांत किया है. उन्होंने तहसीलदार के द्वारा मुख्यमंत्री जी को अपना ज्ञापन सौंप दिया है.

Laathi Charge

 

मांगे न पुरी होने पर होगा चक्का जाम

अब उन्हें 18 नवंबर को मुख्यमंत्री जी से मुलाक़ात करने के लिए समय दिया गया है. बेरोजगार युवा मंच ने अपने इस धरना प्रदर्शन में कहा है कि अगर सरकार 18 नवंबर को कोई पॉज़िटिव बात नहीं करती तब एक बार फिर से वे 26, 27 नवंबर को प्रदेश में चक्का जाम करने जैसी स्थिती उत्पन कर सकते हैं. आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर इस आंदोलन को खड़ा किया जा सकता है.

 

बेरोजगारी, एक बीमारी

इस समय हरियाणा में 33 फीसदी बेरोजगारी का बोलबाला है. स्टूडेंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्य्क्ष वी पी शानू ने अपना ब्यान देते हुए कहा कि हरियाणा 33 प्रतिशत बेरोजगारी के साथ यह देश में पहले स्थान पर है, यहां पहला स्थान हासिल करना बहुत ही ज्यादा शर्मनाक बात है. इसका साफ- साफ़ मतलब यही है कि हरियाणा में रहने वाला हर तीसरा व्यक्ति बेजोजगरी नामक बीमारी से जुंझ रहा है. हरियाणा के क़रीब 1.3 करोड़ युवा 18 से 40 वर्ष तक की उम्र के हैं और अब हम सब के सामने बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है, जिसका असर उनके मानसिक रूप को आघात कर सकता है.

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बेरोज़गारी से समस्याओें का ग्राफ बढ़ा

बेरोजगारी गरीबी, अपराध, नशा, भ्रष्टाचार, सामाजिक असमानता, अशिक्षा, अस्वास्थ्य, जातिवाद, धार्मिक कट्टरता, अंधविश्वास, अवसरवाद, व अनैतिकता आदि जैसे कुकर्मों को बढ़ावा देने में मदद करता है. युवाओं की शादियां नही हो रही हैं, उन्हे अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. परिवार टूट रहे हैं, अड़चनें बढ़ रही है. युवाओं में आत्महत्या की दर का ग्राफ भी तेज़ी से उपर की ओर जाने लगा है पढ़े – लिखे युवाओं को मनरेगा में अपनी सेवाएं देनी पड़ रही है.

मुख्य मांगे

• कोरोना महामारी का सहारा लेकर स्थाई भर्तियों पर लगाई गई रोक को वापिस हटाने की मांग जाहिर की गई.

• रिक्त पदों पर तुरंत भर्ती की जाए ,रुकी हुई सभी भर्तियों को पूर्ण करके उसे आख़िरी चरण तक पहुंचाया जाए. साथ ही साथ ठेका प्रथा बंद किया जाए.

• शिक्षा, रोडवेज, स्वास्थ्य ,बिजली ,रेलवे आदि जैसे सरकारी विभागों का निजीकरण जल्दी बन्द किया जाए.

• सभी भर्तियों के लिए आवेदन की आयु सीमा और सर्टिफिकेट की वैधता एक वर्ष को एक वर्ष तक और आगे बढ़ाने की मांग की गई.

• नौकरियों के लिये सभी तरह के फॉर्म को निशुल्क किया जाए.

• कर्मचारी चयन आयोग की तरह ही हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग भी पूर्ण रूप से एक निर्धारत पाठयक्रम हो, जिसका अभ्यास किया जा सके .