गुरुग्राम में नौकरीपेशा महिलाओं के लिए अच्छी खबर, रात में सड़कों पर दौड़ेंगे लेडीज स्पेशल नीले रंग के ऑटो

गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में स्कूल- कालेज में पढ़ने वाली छात्राओं और नौकरीपेशा महिलाओं के सफर को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए एक बड़ी पहल की गई है. इस संबंध में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गुरुग्राम में अब लेडीज स्पेशल ब्लू कलर के ऑटो चलाए जाएंगे. पहले चरण में इनकी संख्या 100 होगी. खास बात यह है कि इन ऑटो पर ड्राइवर महिलाएं ही होंगी. 10- 10 महिला ड्राइवरों के दो बैच की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है और अब इन महिला ड्राइवरों के लाइसेंस बनाएं जाएंगे.

E auto rickshow

BPL परिवार से होगी महिला ड्राइवर

हरियाणा महिला विकास निगम और जन्म फाउंडेशन के बीच लेडीज़ स्पेशल E ऑटो के संचालन को लेकर MoU भी हुआ है. इस प्रॉजेक्ट में चयनित महिला चालक BPL परिवार से होंगी और निगम उन्हें E ऑटो के लिए सब्सिडी के साथ लोन दिलाएगा. इसके साथ ही, इन महिला ड्राइवरों को यात्रियों के साथ बर्ताव के टिप्स और सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग भी दी जाएगी.

खुद का रूट बना सकेगी महिलाएं

गुरुग्राम में देर रात तक महिलाएं नौकरी पर रहती है और ऐसे में उन्हें घर जाने के लिए काफी मुश्किलें झेलनी पड़ती है लेकिन अब E ऑटो चलने से उन्हें राहत मिलेगी. कई महिलाएं एक साथ मिलकर खुद का रूट बना कर इकट्ठे सफर कर सकेंगी. इसमें किराया भी साधारण रहेगा- शैलजा भाटिया, को- फाउंडर, जन्म फाउंडेशन

फ्री प्राप्त कर सकती हैं लाइसेंस

E ऑटो का संचालन करने वाली महिला ड्राइवरों के लिए प्रशिक्षण और लाइसेंस प्राप्त करने की सुविधा नि:शुल्क रहेगी. यह प्रॉजेक्ट उन महिलाओं के लिए शुरू किया गया है जो थोड़े समय के भीतर आर्थिक रूप से स्वतन्त्र और आत्मनिर्भर बनने तथा नौकरीपेशा महिलाओं के लिए गुरुग्राम में रात्रि सफर को सुरक्षित बनाने में और अधिक मदद करना होगा.

रेड लाइट लगेगी

महिला विकास निगम ने रात्रि सफर के दौरान इन E ऑटो को अलग पहचान दिलाने के लिए फ्रंट में पुलिस वाहन की तरह लालबत्ती लगाने का फैसला लिया है. इसके लिए आटो कंपनी को स्पेशल तौर पर निर्देश दिया गया है. शुरुआत में यह सेवा रात 10 बजे तक उपलब्ध रहेगी लेकिन दस बजे के बाद भी कोई आटो चलाना चाहें तो परिवार का कोई पुरुष सदस्य भी चला सकता है. बाद में 24 घंटे लेडीज स्पेशल ब्लू आटो संचालित होंगे.

महिला चालकों से मांगे आवेदन

शैलजा भाटिया ने बताया कि ऑटो चलाने की इच्छुक महिला चालकों से आवेदन मांगे गए हैं. चालक को वर्दी, बीमा कवर, मुफ्त चिकित्सा जांच, उनके बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता और अच्छी ड्राइविंग के लिए इंसेंटिव मिलेंगे. महिला विकास निगम और जन्म फाउंडेशन का एक समन्वय अधिकारी 36 महीने तक महिला चालकों के साथ नियमित संपर्क में रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में सहायता की जा सके.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.