सोनीपत | देशभक्ति का जज्बा हर किसी में होता है. मगर देश की सेना में रहकर सेवा करने का मौका बहुत ही कम लोगों को मिल पाता है. आज हम आपको एक ऐसे परिवार के बारे में बताएंगे जिनकी पृष्ठभूमि ही देश की सेवा करना रहा है. परिवार के अधिकतर लोग सैनिक रह चुके हैं और अब बेटे ने लेफ्टिनेंट बनकर परिवार के साथ- साथ अपने गांव का भी नाम रोशन करने का काम किया है.
सोनीपत का है बेटा
हरियाणा के जिला सोनीपत के गांव सांदल कलां के लाल ने नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बनकर गांव का नाम रोशन किया है. रक्षा पृष्ठभूमि वाले अरुण कुमार के पिता भी भारतीय नौसेना में एमसीपीओ के रूप में कार्यरत हैं. इतना ही नहीं, उनके चाचा भी एक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी हैं. इसी कारण अरुण को भी बचपन से ही भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने की इच्छा थी.
गांव पहुंचने पर हुआ जोरदार स्वागत
सोनीपत पहुंचे अरुण कुमार का जोरदार स्वागत किया गया और परिवार और ग्रामीणों ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया. इस मौके पर अरुण कुमार ने बताया कि मुझे अपने पिता जो नौसेना में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, उनके नक्शेकदम पर चलकर उन्हें गौरवान्वित करना था, जिसके लिए मैंने दिन- रात मेहनत की और 2019 में मेरा चयन हो गया.
एनडीए और 3 साल की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद मुझे नौसेना में लेफ्टिनेंट का पद संभालने का मौका मिला है और मैं युवाओं को संदेश देना चाहता हूं कि वे भी देश के लिए कुछ करें और देश को मजबूत करने के लिए काम करें. क्योंकि अगर युवा देश हित के बारे में सोचेंगे तो इससे देश का भला होगा.
2019 को एक कैडेट के रूप में हुए थे शामिल
अरुण 27 दिसंबर 2019 को एक कैडेट के रूप में एनडीए पुणे में शामिल हुए और 3 साल तक कठोर प्रशिक्षण लिया. भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला में शामिल होकर उन्होंने नौसेना में एक अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा किया. इसके साथ ही, अरुण कुमार अपने गांव के पहले युवा हैं जिनकी नियुक्ति आईएनए में कमीशंड ऑफिसर के तौर पर हुई है.
एनडीए के बाद वह 26 दिसंबर 2022 को आईएनए में शामिल हो गए. आईएनए में उन्हें उत्कृष्ट शैक्षणिक रिपोर्ट के साथ कठोर समुद्री प्रशिक्षण का सामना करना पड़ा. अरुण कुमार को 25 नवंबर 2023 को इना, एझिमाला में आयोजित पासिंग आउट परेड में भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्त किया गया था. उनकी उपलब्धि पर अरुण के परिवार में जश्न का माहौल है.
