हरियाणा में शुरू हुआ बरसात का दौर, पश्चिमी विश्वोभ हुआ सक्रिय; गेहूं की फसल के लिए अच्छा मौसम

चंडीगढ़ | हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण प्रदेश में पिछले दो दिनों से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है. दरअसल, बीते 27 और 28 नवंबर के दौरान प्रदेश में कहीं- कहीं छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश दर्ज की गई. जिसके चलते दिन तापमान गिरा. वहीं, 1 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील (Haryana Weather) रहने की संभावना है.

Barish Weather Monsoon

सुबह के समय हल्का कोहरा रहने की संभावना

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण रात के समय राज्य में रुक- रुक कर बादल छाने और छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की संभावना है. इसके बाद, 2 से 5 दिसंबर के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा और उत्तरी और उत्तर- पश्चिमी हवाओं के कारण रात के तापमान में हल्की गिरावट और दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी की संभावना है. सुबह के समय हल्का कोहरा रहने की भी संभावना है.

गेहूं की फसल के लिए अच्छा मौसम

विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं की फसल के लिए अधिकतम 28 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री तापमान सर्वोत्तम है. इन दिनों प्रदेश के अधिकांश जिलों का तापमान इसी के आसपास है. ऐसे में यह मौसम गेहूं की बुआई और फसल के विकास के लिए बहुत अच्छा है. ऐसे में किसानों को भी काफी फायदा होगा.

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तापमान में आई काफी गिरावट

हरियाणा में अक्टूबर और नवंबर के दो महीनों में अब तक 7% कम बारिश हुई है. हालांकि, 1 अक्टूबर से 27 नवंबर तक राज्य में 11.9 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 7 फीसदी कम है जबकि इस समय तक सामान्य बारिश 12.8 मिमी है. राज्य के 7 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है जबकि 9 जिले ऐसे हैं जिनमें सामान्य बारिश दर्ज की गई है. बारिश के कारण रात के तापमान में काफी गिरावट आई है.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.